रिपोर्ट @शम्भूनाथ सोनी
बिरसिंहपुर पाली -- पाली थाना अंर्तगत घुनघुटी रेलवे स्टेशन के समीप लगभग 25 -30 टेक्टर टाली रेत जिसका अवैध भंडारण किया गया था, को पकड़ने में खनिज विभाग को महती सफलता अर्जित की है। बताया जाता है कि घुनघुटी रेलवे स्टेशन से सटी रेलवे की भूमि पर रेत के अवैध भंडारण की जानकारी मिलने पर खनिज विभाग का अमले ने त्वरित कार्यवाही करते हुए रेत को अपने कब्जे में ले लिया है। इस कार्यवाही को अंजाम देने के लिए खनिज विभाग ने स्थानीय पुलिस और वन महकमा को भी अपने साथ ले रखा था। खनिज विभाग ने अवैध रेत को अपने कब्जे में लेते हुए इसे वहाँ से उठाकर वन विभाग के सुर्पुद कर दिया है। मालुम होवे की घुनघुटी में रेत माफिया के हौसले बुलंद है और रात दिन एक कर रेत के अवैध कारोबार को अंजाम देते देखें जाते हैं। रेत के इस कारोबार बढाने में स्थानीय पुलिस प्रशासन का हाथ बताया जाता है। घुनघुटी पुलिस चौकी में पदस्थ कई कर्मचारी रेत चोरी कराने का ठेका ले रखें है। बिना स्थानीय प्रशासन के मिलीभगत के इस पैमाने पर रेत का भंडारण किया जाना संभव नहीं है। बताया जाता है कि घुनघुटी में कई छत्रप रेत के अवैध कारोबार में संलिप्त है जो घुनघुटी के आसपास के नालो से रेत निकालने के काम में जुटे हुए हैं, और गहिरा नाला, झरिया नाले को पाताल में पहुचाने में सफल हो गयें है। रेत माफिया की गेंग चलती है और पुलिस प्रशासन को अपने पक्ष में करके शासन को हर दिन लाखों रूपये की छति पहुचाते हुये इस काम को अंजाम देते आ रहें हैं। रेलवे परिसर में अवैध रेत का भंडारण जो की वन चौकी से भी लगी हुई है, यह भंडारण अपने साथ कई सवाल खड़े करते हुए स्थानीय पुलिस, वन और रेलवे को कटघरे में खड़ा करता है। आखिर कार रेलवे स्टेशन के सटी भूमि पर उसके परिसर में अवैध भंडारण का घिनौना कृत्य बिना उनकी मिलीभगत के कैसे संभव हो गया। कहा तो यह भी जाता है इस अवैध भंडारण में क्षेत्र का कुख्यात अपराधी जो आये दिन जेल की सैर करते रहते हैं के हाथ होने से लोग सामने आने से बच रहे हैं।
खनिज विभाग का छोटा सा विभाग है जो पूरे जिले भर में व्यस्त रहता है उसकी इस व्यस्तता का लाभ उठाते हुए घुनघुटी जैसे क्षेत्र में अवैध रेत भंडारण का करते हुए दिन दुगुना रात चौगुनी चांदी काट रहे हैं।


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