रिपोर्ट @शम्भूनाथ सोनी
बैगा समुदाय के चेहरे जगमगा उठे
बिरसिंहपुर पाली -- उमरिया जिले का वनांचल गाँव बाघन्नारा में आजादी के बाद आज पहली बार गांव बिजली से रोशन क्या हुआ, गांव के विलुप्त बैगा समुदाय के चेहरे जगमगा उठे। चेहरे की जगमगाहट हो भी क्यों न हम एक्कीसवी सदी के भी पच्चीस वर्ष गवाने के बाद बिजली जैसे मूलभूत सुविधा से दो चार करते आज अपने मुकाम में पहुंचे हैं। जिले के आदिवासी विकास खंड के चांदपुर ग्राम पंचायत का सम्मिलित गाँव जहाँ पर बैगा समुदाय निवासरत होने के कारण वह जनमन में शामिल गाँव है , जहाँ पर महिला सरपंच श्री मती गेंदती बाई बैगा है, इसके पूर्व इनके पति छोटे लाल जी बैगा जी बाघन्नारा गाँव से ही सरपंच है, इनके एक दशक के अथक प्रयास का परिणाम है कि आज वहाँ बिजली पहुंची। छोटेलाल जी ने जो प्रयास किया वह निश्चित रूप से धन्यवाद के पात्र है, जिन्होंने प्रशासनिक व्यवस्था से लगातार जुझते, लडते, डगमगाते, गिरते, उठते फिर भी लडने का माद्दा नहीं छोड़ा, आखिर में उनकी आवाज बने उमरिया जिले के पूर्व कलेक्टर श्याम कुमरे के सुपुत्र विक्रांत कुमरे जी। आप वर्तमान में उच्चतम न्यायालय दिल्ली में एडवोकेट के साथ ही पूर्व में मध्यप्रदेश राज्य पाल के विधि सलाहकार जैसे महत्वपूर्ण जिम्मेदारी का निर्वहन कर चुके हैं, साथ ही आपने अनुसूचित जनजाति के लिए विशेष रूप से काम करते हैं जब इस बात की जानकारी मिली तो आपने बडी शिद्दत के साथ मामले को लिया। इसके लिए आपने बाघन्नारा गाँव का दौरा किया, गाँव के लोगों से मिलना, बैठके करना,प्रस्ताव के बारे में बतलाना, आवेदन करना जैसी छोटी बातों से लेकर प्रशासनिक पहल करना और आज इस मुकाम तक पहुंचाना उनके पहल और प्रयासों का ही सकारात्मक परिणाम है कि आज गाँव बिजली से रोशन हो सका। गाँव में बिजली पहुचने मे सबसे बड़ी बाधा बनी वन विभाग की आपत्ति का आपने जिस तरह निपटाया की लोग दांतों तले उंगली दबा कर रह गए, और बिजली विभाग का काम शुरू हुआ और आज पूरा कर गाँव में खड़े बिजली के पोलो को करंट मिला लोगों की आश को उजाश मिला, वर्षों से नव वधुओं को सौगात में मिली टेलीविजन को आवाज मिली, वर्षों से लटके बल्ब को भी उजाला मिला। बाघन्नारा गाँव को मिली इस सौगात के लिए विक्रांत कुमरे जी की भूमिका से आज गाँव के लोगों ने भूरि भूरि सराहना करते नहीं थकते।
उल्लेखनीय है कि विक्रांत कुमरे जी सुप्रीम कोर्ट अधिवक्ता होने के साथ ही लंबे समय से जनजातीय समाज और सर्वहारा वर्ग के अधिकारों के लिए कार्य कर रहे हैं। इससे पहले भी आपने अलग अलग क्षेत्रों में स्मरणीय काम किया है, पिछले दिनों आपने देश के विभिन्न राज्यों से 350 से अधिक मजदूरों को बंधुआ मजदूरी से मुक्त कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। आपके सामाजिक क्षेत्र की निरंतरता सक्रियता के कारण आज असंभव कार्यों को लक्ष्य तक पहुचाने में आप सफल हो रहें हैं । आपके प्रयासों से मिली इस असहज उपलब्धि हासिल होने पर जिले भर में उनकी प्रशंसा की जा रही है । विक्रांत कुमरे जी को सामाजिक संगठनों, उनके इष्ट मित्रों और स्थानीय नागरिकों और जन प्रतिनिधियों ने सराहना करते हुए हार्दिक शुभकामनाएं व्यक्त किया है।



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