Ticker

6/recent/ticker-posts

भालूमाड़ा का केवई पुल बदहाल, ग्रामीणों ने जताई बड़े हादसे की आशंका

 


रिपोर्ट @मिर्जा अफसार बेग
अनूपपुर। जिले के भालूमाड़ा क्षेत्र को आसपास के 20 से अधिक गांवों से जोड़ने वाला केवई पुल इन दिनों जर्जर हालत में है। पुल की खराब स्थिति को लेकर स्थानीय लोगों में लगातार चिंता बढ़ रही है। ग्रामीणों का कहना है कि समय रहते मरम्मत नहीं कराई गई तो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।

जानकारी के अनुसार पुल की सतह कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त हो चुकी है। जगह-जगह गहरे गड्ढे बन गए हैं और कंक्रीट उखड़ने से लोहे की सरिया बाहर निकल आई हैं, जिससे दोपहिया और चारपहिया वाहन चालकों के साथ-साथ पैदल राहगीरों को भी खतरा बना हुआ है।

यह पुल क्षेत्र के लिए प्रमुख संपर्क मार्ग है, जिससे प्रतिदिन बड़ी संख्या में स्कूली छात्र-छात्राएं, कर्मचारी, व्यापारी और ग्रामीण आवागमन करते हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि कई बार संबंधित विभाग और जनप्रतिनिधियों को पुल की जर्जर स्थिति से अवगत कराया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।

ग्रामीणों ने यह भी बताया कि संकरे और क्षतिग्रस्त पुल से भारी एवं ओवरलोड वाहनों का आवागमन लगातार जारी है, जिससे पुल की संरचना पर अतिरिक्त दबाव पड़ रहा है। उनका कहना है कि यदि जल्द ही भारी वाहनों की आवाजाही पर रोक नहीं लगाई गई तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।

बारिश के मौसम में पुल पर बने गड्ढे पानी से भर जाने के कारण दुर्घटना का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। पानी भरे गड्ढों का सही अनुमान नहीं लग पाने से आए दिन वाहन चालक फिसलकर घायल हो रहे हैं। रात के समय यह मार्ग और भी जोखिम भरा साबित हो रहा है।

ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि पुल का तत्काल तकनीकी निरीक्षण कराया जाए, आवश्यक मरम्मत कार्य युद्धस्तर पर शुरू किया जाए तथा मरम्मत पूरी होने तक भारी वाहनों के प्रवेश पर रोक लगाई जाए। साथ ही पुल के दोनों ओर चेतावनी बोर्ड और बैरिकेडिंग लगाने की भी मांग की गई है, ताकि संभावित दुर्घटनाओं को रोका जा सके।


Post a Comment

0 Comments