Ticker

6/recent/ticker-posts

स्कूल वाहनों की सुरक्षा पर उठे सवाल, अनूपपुर-शहडोल में व्यापक जांच की मांग

 


रिपोर्ट @मिर्जा अफसार बेग
अनूपपुर/शहडोल। अनूपपुर और शहडोल जिले में संचालित स्कूल वाहनों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर अभिभावकों और स्थानीय नागरिकों ने गंभीर चिंता व्यक्त की है। उनका कहना है कि कई निजी स्कूलों में बच्चों के परिवहन के लिए उपयोग किए जा रहे वाहनों में निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया जा रहा है, जिससे मासूम बच्चों की सुरक्षा पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

स्थानीय लोगों के अनुसार, कुछ स्कूल वाहनों के पास वैध परमिट, फिटनेस प्रमाणपत्र, बीमा तथा अन्य आवश्यक दस्तावेज पूर्ण नहीं होने के बावजूद उनका संचालन जारी है। साथ ही यह भी आरोप है कि कुछ निजी नंबर के वाहनों का व्यावसायिक उपयोग कर अभिभावकों से परिवहन शुल्क वसूला जा रहा है।

ओवरलोडिंग बनी चिंता का विषय

अभिभावकों का कहना है कि कई छोटे वाहनों में उनकी निर्धारित क्षमता से कई गुना अधिक बच्चों को बैठाकर लाया और ले जाया जा रहा है। इससे बच्चों की सुरक्षा से समझौता होने की आशंका बढ़ जाती है। नागरिकों ने इस स्थिति को दुर्घटना की दृष्टि से बेहद गंभीर बताया है।

सुरक्षा उपकरणों की उपलब्धता पर भी सवाल

स्थानीय लोगों के अनुसार, कुछ वाहनों में प्राथमिक उपचार किट, अग्निशामक यंत्र, आपातकालीन निकास, स्पीड गवर्नर जैसे अनिवार्य सुरक्षा उपकरण उपलब्ध नहीं हैं। वहीं कई वाहनों की फिटनेस को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं।

चालकों की पात्रता की जांच की मांग

कुछ अभिभावकों ने वाहन चालकों के लाइसेंस और पात्रता की भी निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए और नियमों का पूरी तरह पालन सुनिश्चित किया जाना चाहिए।

प्रशासन से विशेष अभियान चलाने की मांग

स्थानीय नागरिकों और अभिभावकों ने परिवहन विभाग, शिक्षा विभाग, पुलिस तथा जिला प्रशासन से संयुक्त रूप से विशेष जांच अभियान चलाने की मांग की है। उनका कहना है कि यह अभियान केवल जिला मुख्यालय तक सीमित न रहकर ग्रामीण क्षेत्रों और कस्बों में संचालित सभी स्कूल वाहनों तक पहुंचे।

उन्होंने मांग की है कि जिन वाहनों में दस्तावेजों की कमी, ओवरलोडिंग या सुरक्षा मानकों का उल्लंघन पाया जाए, उनके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए। साथ ही सभी स्कूलों को बच्चों के सुरक्षित परिवहन के लिए निर्धारित नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए जाएं, ताकि किसी भी संभावित दुर्घटना से पहले प्रभावी कदम उठाए जा सकें।


Post a Comment

0 Comments