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सुभाष चौक की बदहाली पर कब जागेगा जिम्मेदार तंत्र? हर बारिश में सड़क बनती है तालाब, राहगीरों की बढ़ी मुसीबत

 





रिपोर्ट @मुर्तजा अंसारी

धनपुरी/कोयलांचल। कोयलांचल क्षेत्र का सबसे व्यस्त और महत्वपूर्ण मार्ग माने जाने वाला सुभाष चौक वर्षों से बदहाली का दंश झेल रहा है। बरसात शुरू होते ही यहां की सड़क गहरे गड्ढों और जलभराव के कारण तालाब का रूप ले लेती है। हर साल बारिश के साथ यही स्थिति बनती है, लेकिन जिम्मेदार विभाग केवल आश्वासन देकर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लेते हैं। स्थायी समाधान आज तक नहीं हो सका।


स्थानीय लोगों का कहना है कि सुभाष चौक के सौंदर्यीकरण, सड़क चौड़ीकरण और गुणवत्तापूर्ण निर्माण की बातें वर्षों से होती रही हैं, लेकिन धरातल पर कोई ठोस काम दिखाई नहीं देता। परिणामस्वरूप हजारों लोगों को प्रतिदिन जान जोखिम में डालकर इस मार्ग से गुजरना पड़ता है। बारिश के दौरान सड़क पर पानी भर जाने से गड्ढे दिखाई नहीं देते, जिससे दोपहिया वाहन चालक अक्सर दुर्घटनाओं का शिकार हो जाते हैं। वहीं संकरी और जर्जर सड़क के कारण दिनभर जाम की स्थिति बनी रहती है।

सबसे गंभीर बात यह है कि नगर पालिका धनपुरी और एसईसीएल (SECL) के बीच समन्वय की कमी का खामियाजा सीधे आम जनता को भुगतना पड़ रहा है। सड़क की जिम्मेदारी को लेकर दोनों संस्थाओं पर सवाल उठते रहे हैं, लेकिन वर्षों बाद भी लोगों को राहत नहीं मिल सकी।

इसी मार्ग पर एसईसीएल का सेंट्रल हॉस्पिटल स्थित है, जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में मरीज और एंबुलेंस पहुंचती हैं। इसके अलावा सड़क के किनारे स्कूल भी संचालित हैं, जहां रोजाना सैकड़ों बच्चे पढ़ने आते हैं। जलभराव और कीचड़ के कारण बच्चों को स्कूल पहुंचने में भारी परेशानी होती है। कई बार उनके स्कूल ड्रेस तक खराब हो जाते हैं। अभिभावकों का कहना है कि जब शिक्षा के मंदिर और अस्पताल के सामने की सड़क ही बदहाल हो, तो आम क्षेत्रों की स्थिति का सहज अंदाजा लगाया जा सकता है।

स्थानीय दुकानदारों का कहना है कि बरसात के अलावा भी साल के बारहों महीने सड़क की हालत खराब रहती है। धूल, गड्ढे और टूटी सड़क के कारण व्यापार प्रभावित होता है, वहीं ग्राहकों को भी परेशानी का सामना करना पड़ता है। लोगों का कहना है कि इस मार्ग से प्रतिदिन कोयले से लदे भारी वाहन गुजरते हैं, जिससे सड़क लगातार क्षतिग्रस्त होती जा रही है। मरम्मत के नाम पर खानापूर्ति तो होती है, लेकिन कुछ ही दिनों में सड़क फिर अपनी बदहाल स्थिति में पहुंच जाती है।

स्थानीय नागरिकों ने बताया कि इस समस्या को लेकर कई बार अधिकारियों को ज्ञापन दिए गए और आंदोलन भी किए गए, लेकिन हर बार केवल आश्वासन ही मिला। लोगों का आरोप है कि जिम्मेदार अधिकारी मौके पर आकर वास्तविक स्थिति का जायजा लेने से भी बचते रहे हैं।

अब क्षेत्रवासियों ने नगर पालिका धनपुरी और एसईसीएल के उच्च अधिकारियों से संयुक्त निरीक्षण कराकर स्थायी समाधान निकालने की मांग की है। उनका कहना है कि सड़क का चौड़ीकरण, मजबूत निर्माण और बेहतर जल निकासी व्यवस्था ही इस समस्या का स्थायी हल है।

अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब इसी मार्ग से प्रशासनिक अधिकारी, एसईसीएल के अधिकारी, जनप्रतिनिधि, अस्पताल पहुंचने वाले मरीज और स्कूली बच्चे प्रतिदिन गुजरते हैं, तब भी वर्षों से चली आ रही इस गंभीर समस्या का समाधान आखिर कब होगा? क्षेत्र की जनता अब आश्वासन नहीं, बल्कि धरातल पर ठोस कार्रवाई चाहती है।


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