रिपोर्ट @मिर्जा अफसार बेग
न्यू गांधी चौक से कोतवाली तक निकला शांतिपूर्ण मार्च, छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ पर जताया आक्रोश
शहडोल। राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) में कथित पेपर लीक और परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता को लेकर उठ रहे सवालों के बीच शुक्रवार शाम शहडोल में युवाओं और विद्यार्थियों ने शांतिपूर्ण कैंडल मार्च निकालकर विरोध दर्ज कराया। ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) जिला इकाई के नेतृत्व में आयोजित इस मार्च में बड़ी संख्या में युवा, छात्र-छात्राएं, महिलाएं और बच्चे शामिल हुए। मार्च न्यू गांधी चौक से शुरू होकर कोतवाली मार्ग तक पहुंचा, जहां प्रदर्शनकारियों ने निष्पक्ष जांच और शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग उठाई।
"शिक्षा पर संकट, भविष्य पर सवाल"
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि लगातार सामने आ रहे पेपर लीक और परीक्षा संबंधी विवादों ने लाखों विद्यार्थियों का भरोसा कमजोर किया है। उनका आरोप था कि ऐसी घटनाओं से मेहनत करने वाले छात्रों के भविष्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। हाथों में मोमबत्तियां और तख्तियां लिए युवाओं ने शांतिपूर्ण ढंग से अपनी बात रखते हुए परीक्षा प्रणाली को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने की मांग की।
बच्चों और छात्राओं की भागीदारी बनी आकर्षण का केंद्र
कैंडल मार्च का सबसे भावुक दृश्य तब देखने को मिला जब छोटे-छोटे बच्चे और छात्राएं भी हाथों में मोमबत्तियां लेकर मार्च में शामिल हुए। शांतिपूर्ण और अनुशासित ढंग से निकले इस मार्च ने शहरवासियों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि उनका उद्देश्य किसी प्रकार का टकराव नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के हितों की रक्षा के लिए अपनी आवाज लोकतांत्रिक तरीके से उठाना है।
जिला संगठन प्रभारी ने उठाई निष्पक्ष जांच की मांग
कार्यक्रम का नेतृत्व कर रहे AIMIM जिला संगठन प्रभारी मोहम्मद यासीन खान ने कहा कि परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना समय की आवश्यकता है। उन्होंने मांग की कि पेपर लीक जैसे मामलों की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाए, ताकि छात्रों का विश्वास बहाल हो सके।
इनकी रही प्रमुख उपस्थिति
मार्च में मोहम्मद यासीन खान, साजन खान, जीशान खान, रहमान खान, सद्दाम खान, सादिक खान, राशिद खान, यासिफ खान, दानिश खान, अरबाब खान, नूर खान, कादिर खान, तालिब खान, अल्ताफ खान, अताउर रहमान, दिलशाद खान, रेहान खान, नावेद खान, अरबाज खान, आकिब खान, आसिम खान, जुनैद उस्मानी, कैफ सिद्दीकी, अयान खान सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता, छात्र-छात्राएं और महिलाएं उपस्थित रहीं। महिलाओं में फरहाद खान, फिजा खान, एनी खान (असबा), शाहिना बेगम, अनाम खान, बुशरा खान, एनी फातिमा, फातिमा हुसैन, तानिया खान और जोया खान की उल्लेखनीय भागीदारी रही।


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