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साजिश की सचमुच में रथ हुआ खराब

 


रिपोर्ट @शम्भूनाथ सोनी

हर स्थित में जिम्मेदारों पर उठ रहें सवाल 

भक्तों की आस्था को लगी ठेस

बिरसिंहपुर पाली --- जगन्नाथ रथ यात्रा पाली नगर के बाबू लाइन न जाने से भक्तों की आस्था को गहरी चोट लगी है। बाबू लाइन के गणमान्य नागरिकों ने इसे साजिश का हिस्सा बतलाते हुए कहा की पिछले 35 वर्षों से चली आ रही परपंरा को खंडित करने से यहाँ के निवासियों की आस्था को मर्माहत कर दिया है जिसकी जितनी भी निंदा की जाये कम है।  हैंरात करने वाली बात यह है की अगर सचमुच खराब था, तो उसे समय से पहले ठीक क्यों नहीं कराया गया। इस रथयात्रा की डोर खीचने में यहाँ के प्रशासनिक अधिकारियों और क्षेत्र के प्रमुख  जन प्रतिनिधि की मौजूदगी में बाबू लाइन की ओर घुम चुकी थी,लेकिन रथयात्रा की डोर अचानक कतिपय लोगों ने दुबारा मोडवा कर जिस रास्ते से आया था उसी मार्ग की ओर मोड़ दिया गया। जिससे नगर वासी हतप्रभ है की दशकों की परिपाटी को एकाएक क्यों तोड़ दी गई। उपस्थित गणमान्य नागरिकों ने तत्काल मौके पर उपस्थित अनु विभागीय अधिकारी पाली से  परंपरागत मार्ग से रथ ले जाने का आग्रह किया गया , लेकिन उन्होंने यह कहकर की रथ का पहिया खराब है अपना पल्ला साफ कर दिया। जबकि रथ का पहिया खराब होना, प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े करके रख दिया है।  यद्यपि अनु विभागीय अधिकारी की इस बात को  सच भी मानने को तैयार नहीं है, अगर सच मान भी लिया जाये तो वह खुद प्रशासनिक कसौटी पर सवालों से घिरती नजर आ रही है। क्योंकि इस रथ का पहिया साल में कुल दो दिन चलता है फिर पूरे साल भर सुरक्षित इन्ही  अधिकारियों की अधिकारिता में खड़ा रहता है फिर उसके अचानक खराब होने की बात लोगों के गले नहीं उतर रही। अगर उनकी बात को सच मान भी लिया जाये तो भी गडबडी उन्ही की मानी जा रहीं हैं। इतना ही नहीं जानकर सूत्रों का कहना है की इस रथ के मरम्मत  कार्य के लिए धन राशि व्यय होने की खबर है। 

सच्चाई चाहे जो हो भारतीय जनता पार्टी  जिस धर्म ध्वज के सहारे आज पूरे देश में झंडा ऊँचा की हुई है उसी के राज में हिन्दूओं की आस्था और भावनाओं  से आखिर इस तरह का खेल जन चर्चा का बिषय बना हुआ है ‌। आखिर कार यह साजिश हो या रथ की गडबड़ी हर स्थित में जिम्मेदार अधिकारी सवालों से बच नही सकते।उम्मीद है कि अब आगे से कम से कम भक्तों की भावनाओं से खेलने के दुष्चक्र से प्रशासनिक अधिकारी बचेंगे और इसकी कम से कम पुर्नरावृत्ति नहीं होने देंगे।


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