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जनपद पंचायत में निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर सवाल, उपयंत्री पर लापरवाही का आरोप

 


रिपोर्ट @शम्भूनाथ सोनी

बिरसिंहपुर--उमरिया जिले की पाली जनपद पंचायत में पदस्थ उपयंत्री रश्मि द्विवेदी की कार्यप्रणाली को लेकर पंचायत प्रतिनिधियों और ग्रामीणों में नाराजगी है। आरोप है कि उपयंत्री द्वारा पंचायतों का नियमित भ्रमण नहीं किया जाता, जिसके कारण कई निर्माण कार्यों का मूल्यांकन और गुणवत्ता जांच लंबित पड़ी है।

जानकारी के अनुसार जनपद क्षेत्र की कई ग्राम पंचायतों में सीसी रोड, नाली निर्माण, पंचायत भवन, आंगनबाड़ी भवन और मनरेगा के तहत किए गए । नियमानुसार कार्य पूर्ण होने पर उपयंत्री को मौके पर पहुंचकर तकनीकी मूल्यांकन और गुणवत्ता की जांच करनी होती है, जिसके बाद ही अगली किश्त और अंतिम भुगतान होता है। ग्राम पंचायत बरबसपुर में अमृतसरोवर का काम पिछले वर्ष कराया गया समय से मुलांकन न होने से भुगतान लंबित थी जिसकी शिकायत होने के बाद कार्रवाई हुई

सरपंच-सचिवों एवं ग्रामीणो का कहना है कि मूल्यांकन में देरी के कारण निर्माण कार्य समय पर पूर्ण नहीं हो पा रहे हैं और भुगतान अटका हुआ है। कई पंचायतों में कार्य पूर्ण होने के कई माह बाद भी मूल्यांकन नहीं हुआ है। इससे मजदूरों का भुगतान और सामग्री का हिसाब भी प्रभावित हो रहा है।

ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि निर्माण स्थल पर कभी भी गुणवत्ता की जांच नहीं की जाती। सीमेंट, गिट्टी और सरिया की गुणवत्ता की परख मौके पर होनी चाहिए, लेकिन ऐसा नहीं होता। इससे कई जगह घटिया निर्माण की शिकायतें भी सामने आ रही हैं।

पंचायत प्रतिनिधियों ने कई बार जनपद पंचायत सीईओ और वरिष्ठ अधिकारियों को इस संबंध में अवगत कराया है। उनका कहना है कि यदि समय पर भ्रमण और मूल्यांकन हो तो कार्यों में पारदर्शिता और गुणवत्ता दोनों बनी रहेगी।

इस मामले में जब उपयंत्री रश्मि द्विवेदी से पक्ष जानने फोन किया गया फोन उठाने के बाद उनके द्वारा कहा गया कि मैं अभी बाहर हूं आपसे बाद में बात करूंगी वहीं जनपद के जिम्मेदार अधिकारियों का कहना है कि कौन सी पंचायत में शिकायत है उनसे दो लाइन लिखवा कर दीजिए मैं जांच करता हूं शिकायतों की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

क्षेत्र के लोगों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि पाली जनपद में निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और समयबद्धता सुनिश्चित करने के लिए नियमित निरीक्षण व्यवस्था लागू की जाए और लापरवाही बरतने वाले जिम्मेदारों पर कार्रवाई हो।


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