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एबीवीपी की बड़ी जीत: भ्रष्टाचार के खिलाफ प्रशासन की सख्त कार्रवाई, बीईओ सरिता जैन पद से पृथक, छात्राओं की राशि 2 दिन में लौटाने के निर्देश

 


रिपोर्ट @शम्भूनाथ सोनी

​अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP), जिला उमरिया के अनवरत संघर्ष और छात्रहित में उठाई गई आवाज़ की एक ऐतिहासिक जीत हुई है। शासकीय कन्या शिक्षा परिसर, पाली में व्याप्त भ्रष्टाचार, छात्रवृत्ति गबन और अन्य गंभीर अनियमितताओं के खिलाफ एबीवीपी द्वारा की गई शिकायत पर संज्ञान लेते हुए, जिला प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई की है।

​प्रशासनिक स्तर पर हुई जांच के बाद जारी आदेशों के मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:

​BEO प्रभार से तत्काल पृथक: कार्यालय कलेक्टर (जनजातीय कार्य) जिला उमरिया के आदेश (क्र./सामा.स्था./2026/3354, दिनांक 27.07.2026) के तहत, श्रीमती सरिता जैन (तत्कालीन प्राचार्य, शासकीय हाई स्कूल गोरईया) को विकास खण्ड शिक्षा अधिकारी (BEO) पाली के अतिरिक्त प्रभार से तत्काल प्रभाव से हटा दिया गया है। आगामी व्यवस्था तक यह प्रभार श्रीमती रीता पटेल (क्षेत्र संयोजक) को सौंपा गया है।

​छात्राओं की राशि वापसी के निर्देश: कार्यालय सहायक आयुक्त, जनजातीय कार्य उमरिया के आदेश (क्र./सा.स्था./2026-27/3358, दिनांक 27.07.2026) के अनुसार, जांच में यह प्रमाणित हुआ है कि सत्र 2025-26 में छात्राओं के बैंक खाते में व्यक्तिगत सामग्री क्रय हेतु अंतरित की गई राशि श्रीमती जैन द्वारा कथित रूप से एकत्र कर ली गई थी, जो कि शासन के नियमों के पूर्णतः प्रतिकूल है।

​दो दिन का अल्टीमेटम: प्रशासन ने सख्त निर्देश दिया है कि एकत्र की गई सम्पूर्ण राशि आगामी दो दिनों के भीतर छात्राओं को अनिवार्य रूप से वापस की जाए और उसकी पावती वरिष्ठ कार्यालय को उपलब्ध कराई जाए।

​एबीवीपी का पक्ष एवं प्रशासन को धन्यवाद:

इस मामले में एबीवीपी द्वारा आर.टी.आई. में भ्रामक जानकारी देने और छात्रवृत्ति गबन जैसे गंभीर आरोप साक्ष्यों के साथ प्रस्तुत किए गए थे, जिसके परिणामस्वरूप यह न्यायपूर्ण कार्रवाई संभव हो सकी।

​एबीवीपी के जिला संयोजक श्री आकाश तिवारी ने इस त्वरित और निष्पक्ष कार्यवाही के लिए जिला प्रशासन का हृदय से धन्यवाद ज्ञापित किया है। उन्होंने कहा कि, "प्रशासन का यह कदम छात्रहित में एक बड़ा और सकारात्मक संदेश है। विद्यार्थी परिषद, शिक्षा परिसरों से भ्रष्टाचार मिटाने एवं छात्र-छात्राओं के अधिकारों की रक्षा के लिए हमेशा संकल्पित है। हम प्रशासन से अपेक्षा करते हैं कि भविष्य में भी छात्र हितों से जुड़े ऐसे सभी मुद्दों पर इसी प्रकार का सहयोगात्मक और न्यायपूर्ण रवैया अपनाया जाएगा।"



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