रिपोर्ट @मिर्जा अफसार बेग
रामसागर तालाब में अधूरा पड़ा निर्माण, रोजाना निस्तार के लिए पहुंच रहे ग्रामीण; सुरक्षा के लिए तत्काल बैरिकेडिंग की मांग
कोतमा। जनपद पंचायत कोतमा अंतर्गत ग्राम पंचायत बुढ़ानपुर के रामसागर तालाब में करीब 15 लाख रुपये की लागत से निर्माणाधीन घाट ग्रामीणों के लिए परेशानी के साथ-साथ संभावित हादसे का कारण बनता दिखाई दे रहा है। निर्माण कार्य कई दिनों से अधूरा पड़ा है और बारिश के चलते घाट की सीढ़ियां पानी में डूब गई हैं। इसी दौरान निर्माण में इस्तेमाल की गई लोहे की नुकीली सरिया पानी से बाहर निकली नजर आ रही है, जिससे तालाब में निस्तार के लिए पहुंचने वाले ग्रामीणों और बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।
जलमग्न सीढ़ियां बनीं खतरे का कारण
रामसागर तालाब का उपयोग आसपास के ग्रामीण प्रतिदिन निस्तार सहित अन्य घरेलू जरूरतों के लिए करते हैं। ग्रामीणों के अनुसार निर्माणाधीन घाट का काम अधूरा होने के बावजूद तालाब का सार्वजनिक उपयोग जारी है। बारिश के कारण जलस्तर बढ़ने से निर्माणाधीन सीढ़ियां पूरी तरह दिखाई नहीं दे रही हैं, जबकि कई स्थानों पर लोहे की सरिया बाहर निकली हुई है।
ग्रामीणों का कहना है कि पानी में उतरते समय यदि किसी व्यक्ति का पैर फिसलता है या वह इन सरियों से टकराता है, तो गंभीर चोट लग सकती है। खासतौर पर बच्चों के लिए यह स्थिति अधिक जोखिमपूर्ण बताई जा रही है।
अधूरा निर्माण और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
करीब 15 लाख रुपये की लागत से प्रस्तावित घाट निर्माण का कार्य फिलहाल अधूरा है। निर्माण स्थल के आसपास पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था नहीं होने को लेकर भी ग्रामीणों ने सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि सार्वजनिक उपयोग वाले तालाब में निर्माण कार्य रोकने की स्थिति में भी संबंधित एजेंसी अथवा पंचायत को मौके पर बैरिकेडिंग, चेतावनी बोर्ड और अन्य सुरक्षा उपाय करने चाहिए थे।
बारिश के मौसम में तालाब का जलस्तर बढ़ने के कारण निर्माणाधीन हिस्से की सुरक्षा और भी महत्वपूर्ण हो जाती है।
निर्माण गुणवत्ता को लेकर भी उठ रही आवाज
घाट निर्माण की गुणवत्ता को लेकर भी ग्रामीणों के बीच सवाल उठ रहे हैं। हालांकि निर्माण की गुणवत्ता पर किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले तकनीकी जांच आवश्यक है। ग्रामीणों ने संबंधित विभाग से मांग की है कि मौके का निरीक्षण कर निर्माण में इस्तेमाल सामग्री, कार्य की गुणवत्ता, निर्धारित मापदंड और स्वीकृत लागत के अनुरूप हुए कार्य की जांच कराई जाए।
बारिश और मजदूरों की समस्या से रुका काम
इस संबंध में उपसरपंच कृष्णकुमार सोनी ने बताया कि घाट निर्माण का कार्य अभी प्रगति पर है। बारिश और मजदूरों की समस्या के कारण फिलहाल काम रुका हुआ है। उन्होंने कहा कि संभावित दुर्घटना को देखते हुए निर्माण स्थल के आसपास बैरिकेडिंग कराई जाएगी। मौसम अनुकूल होने के बाद निर्माण कार्य दोबारा शुरू कराकर जल्द पूरा कराने का प्रयास किया जाएगा।
हादसे से पहले सुरक्षा की मांग
ग्रामीणों ने पंचायत से मांग की है कि निर्माण कार्य दोबारा शुरू होने तक घाट के आसपास तत्काल मजबूत बैरिकेडिंग कराई जाए और पानी में डूबी सीढ़ियों से बाहर निकली सरिया को सुरक्षित किया जाए। ग्रामीणों का कहना है कि किसी दुर्घटना के बाद कार्रवाई करने के बजाय हादसे की आशंका को देखते हुए पहले ही सुरक्षा इंतजाम किए जाना जरूरी है।
अब निगाह इस बात पर है कि पंचायत और संबंधित विभाग ग्रामीणों की सुरक्षा को लेकर कितनी जल्दी कदम उठाते हैं और करीब 15 लाख रुपये की लागत से निर्माणाधीन रामसागर तालाब का घाट आखिर कब तक पूरी तरह तैयार होकर ग्रामीणों के उपयोग के लिए सुरक्षित हो पाता है।


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