रिपोर्ट @मिर्जा अफसार बेग
भूतहा नाला से रोजाना रेत का कथित अवैध उत्खनन, ट्रैक्टरों से हो रही सप्लाई; कार्रवाई के बावजूद बेखौफ कारोबार के आरोप
धनपुरी। शहडोल जिले में अवैध रेत उत्खनन और परिवहन पर प्रशासन की सख्ती के दावों के बीच धनपुरी थाना क्षेत्र के सिलपरी में हल्दीघाटी नर्सरी के पास स्थित भूतहा नाला से कथित तौर पर बड़े पैमाने पर रेत निकाले जाने का मामला सामने आया है। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, कई दिनों से यहां मजदूरों के जरिए दिनभर रेत निकाली जा रही है और उसे आसपास अलग-अलग स्थानों पर अस्थायी रूप से जमा करने के बाद सुबह-सुबह ट्रैक्टरों के माध्यम से सप्लाई किए जाने का आरोप है।
समाचार प्रकाशित होने के बाद भी नहीं थमा कारोबार
सूत्रों का दावा है कि मामले को लेकर समाचार प्रकाशित होने के बाद भी कथित रेत कारोबार से जुड़े लोगों में प्रशासन का कोई खौफ नजर नहीं आया। सूत्रों के अनुसार, युवा ब्रदर्स से जुड़े लोगों द्वारा कथित तौर पर प्रशासन को लेकर आपत्तिजनक एवं चुनौतीपूर्ण बातें कही गईं और यह तक दावा किया गया कि अब भूतहा नाले के बाद पुरानी अमराडंडी के गाडाघाट क्षेत्र से भी रेत निकाली जाएगी।
इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। हालांकि, यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो यह प्रशासनिक कार्रवाई और अवैध उत्खनन पर जारी निर्देशों की गंभीर अनदेखी का मामला हो सकता है।
गाडाघाट वही इलाका, जहां हादसे में गई थी दो मासूमों की जान
सबसे गंभीर बात यह है कि जिस पुरानी अमराडंडी के गाडाघाट से रेत निकालने की बात कही जा रही है, उसी क्षेत्र में कुछ माह पूर्व पानी से भरे गड्ढे में डूबने से दो छोटे बच्चों की मौत हो चुकी है। ऐसे में यदि वहां दोबारा खनन या गड्ढों का निर्माण होता है तो स्थानीय लोगों की सुरक्षा को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े होते हैं।
एसपी के सख्त निर्देशों के बावजूद कैसे चल रहा खेल?
शहडोल पुलिस अधीक्षक द्वारा अवैध उत्खनन एवं परिवहन पर कार्रवाई के निर्देशों के बावजूद यदि भूतहा नाला क्षेत्र में लगातार रेत का उत्खनन और परिवहन हो रहा है, तो सवाल उठना लाजिमी है कि आखिर जिम्मेदार विभागों की नजर इस गतिविधि पर क्यों नहीं पड़ रही?
सूत्रों की मानें तो रेत निकालने के लिए दिनभर मजदूर लगाए जाते हैं। निकाली गई रेत को मुख्य स्थल से कुछ दूरी पर अलग-अलग जगहों पर जमा किया जाता है और फिर सुबह के समय ट्रैक्टरों के जरिए उसकी सप्लाई किए जाने की बात सामने आ रही है।
वन अमले की भूमिका पर भी उठ रहे सवाल
स्थानीय स्तर पर कुछ लोगों द्वारा वन विभाग के कुछ कर्मचारियों की कथित मिलीभगत की चर्चा भी की जा रही है। हालांकि, इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है। ऐसे में पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
जिम्मेदार विभाग कब करेगा मौके का निरीक्षण?
अब सवाल यह है कि क्या प्रशासन और संबंधित विभाग मौके पर पहुंचकर भूतहा नाला एवं पुरानी अमराडंडी के गाडाघाट क्षेत्र का निरीक्षण करेंगे? क्या रेत के कथित अवैध उत्खनन, भंडारण और परिवहन की जांच होगी? और यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई होगी?
मामले में प्रशासनिक जांच और मौके की वास्तविक स्थिति सामने आने के बाद ही आरोपों की पूरी तस्वीर साफ हो सकेगी।
इस मामले से जुड़े और भी तथ्य सामने आने की संभावना है। आगे की जानकारी के लिए बने रहिए हमारे साथ...



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