रिपोर्ट @मिर्जा अफसार बेग
भोपाल। मध्यप्रदेश वक्फ बोर्ड ने अनाथ और जरूरतमंद बच्चों की शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए एक सराहनीय पहल की है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंशा के अनुरूप बोर्ड ने भोपाल के 289 अनाथ एवं जरूरतमंद बच्चों की स्कूल फीस के भुगतान के लिए 21 लाख रुपये से अधिक की सहायता राशि स्वीकृत की है। योजना के तहत प्रत्येक पात्र विद्यार्थी को अधिकतम 10 हजार रुपये तक की फीस सहायता दी जाएगी।
वक्फ संपत्तियों की आय से बच्चों के भविष्य को संवारने की पहल
मध्यप्रदेश वक्फ बोर्ड की इस पहल का उद्देश्य आर्थिक अभाव के कारण किसी भी बच्चे की पढ़ाई बाधित न होने देना है। खास बात यह है कि बच्चों की शिक्षा के लिए यह राशि वक्फ संपत्तियों से प्राप्त आय के माध्यम से उपलब्ध कराई जा रही है। बोर्ड के मुताबिक, यह पहल वक्फ संपत्तियों की आय का उपयोग सामाजिक कल्याण और शैक्षणिक उत्थान के लिए करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
पारदर्शी प्रक्रिया के बाद 289 विद्यार्थियों का चयन
वक्फ बोर्ड से प्राप्त जानकारी के अनुसार, योजना का लाभ पात्र बच्चों तक पहुंचाने के लिए प्रमुख समाचार पत्रों में विज्ञप्ति प्रकाशित कर आवेदन आमंत्रित किए गए थे। प्राप्त आवेदनों की जांच और सत्यापन के बाद 289 विद्यार्थियों को सहायता के लिए पात्र पाया गया। स्वीकृत राशि से इन बच्चों की स्कूल फीस का भुगतान सीधे किया जाएगा, ताकि उनकी शिक्षा निरंतर जारी रह सके।
वक्फ संपत्तियों की आय का जनहित में उपयोग
मध्यप्रदेश वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सनवर पटेल ने बताया कि वक्फ संपत्तियों को अवैध कब्जों से मुक्त कराने और उनसे प्राप्त वैध आय का जनहित में उपयोग करने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं। इसी आय के माध्यम से जरूरतमंद और अनाथ बच्चों की शिक्षा में सहयोग किया जा रहा है। यह पहल वक्फ संपत्तियों के सामाजिक और शैक्षणिक उपयोग को नई दिशा देने वाली है।
देशभर के लिए प्रेरणादायक पहल
मध्यप्रदेश वक्फ बोर्ड इस योजना को देश में अपनी तरह की अनूठी पहल बता रहा है। इसका उद्देश्य केवल स्कूल फीस का भुगतान करना ही नहीं, बल्कि जरूरतमंद बच्चों को शिक्षा के बेहतर अवसर उपलब्ध कराकर उनके उज्ज्वल भविष्य की नींव मजबूत करना भी है।
बोर्ड के अनुसार, सहायता राशि प्रदान करने के लिए 13 अक्टूबर को भोपाल स्थित वक्फ बोर्ड कार्यालय परिसर के यतीमखाना ग्राउंड में कार्यक्रम आयोजित किया जाना निर्धारित है।
कुल मिलाकर, मध्यप्रदेश वक्फ बोर्ड की यह पहल इस बात का उदाहरण है कि संपत्तियों से प्राप्त आय का सदुपयोग शिक्षा, सामाजिक जिम्मेदारी और जरूरतमंदों की सहायता के लिए किया जा सकता है। 289 बच्चों की पढ़ाई में मिलने वाला यह सहयोग उनके भविष्य को बेहतर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है।


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