अंकित गुप्ता
एनएसयूआई के प्रदेश सचिव हेमंत शर्मा के नेतृत्व में धनपुरी वार्ड नं. 1 स्थिति शा. नेहरू स्नातकोत्तर महाविद्यालय बुढ़ार के समीप तिराहे पर बगैर ओबीसी आरक्षण के त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव कराने के षड्यंत्रकारी नीति के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करते हुए एनएसयूआई के कार्यकर्ताओं ने जमकर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के खिलाफ नारेबाजी कर पुतला फूंका।
इस दौरान एनएसयूआई के कार्यकर्ताओं ने राहुल गांधी, कमलनाथ, नीरज कुंदन, नीतीश गौर, विपिन वानखेड़े, मंजुल त्रिपाठी जिंदाबाद का नारा भी बुलंद किया।
इस अवसर पर हेमंत शर्मा ने कहा कि बगैर ओबीसी आरक्षण के मध्यप्रदेश में पंचायत चुनाव ना करा कर शिवराज सरकार द्वारा पिछड़ा वर्ग के लोकतांत्रिक हितों,हक और अधिकारों पर कुठाराघात किया है इस नीति से पिछड़ा वर्ग के सभी वर्गों में भयंकर आक्रोश व्याप्त है। प्रथम चरण का चुनाव मतदान 6 जनवरी को होना था प्रत्याशियों ने पर्चा भी दाखिल कर दिया था अपने क्षेत्र में चुनाव प्रचार में जुट गए थे उसके कुछ समय पूर्व ही आनन-फानन में अपनी अप्रत्याशित हार को समझ कर कैबिनेट से मंजूर करवा कर राज्यपाल को प्रस्ताव भेजा कि यह चुनाव का अध्यादेश वापस लिया जाए और राज्यपाल ने सरकार की सिफारिश स्वीकार कर ली और अध्यादेश जारी कर समस्त पंचायती राज चुनाव व्यवस्था अनिश्चित समय के लिए रुकवा दी गई।
प्रदेश की जनविरोधी सरकार पहले लोकतांत्रिक व्यवस्था की हत्या कर विधायकों की खरीद-फरोख्त कर कांग्रेस सरकार की गिराती है फिर सरकार बनाती है। और जनता को परेशान कर करोड़ो रूपये खर्च करते हुए असमायिक उपचुनाव करवाये जाते हैं, लेकिन पंचायत चुनाव से डरने वाली यह सरकार कांग्रेस सरकार के परिसीमन को रद्द करते हुए 2014 के परिसीमन से चुनाव कराने का अध्यादेश लाती है, जोकि पंचायती राज्य कानून व्यवस्था के बिल्कुल विपरीत है गलत है।
लेकिन सरकार अपनी हठधर्मिता से बाज नहीं आती और तब तक चुनाव को लेकर तैयारियां रहती है करोड़ों रुपए खर्च होते हैं. लेकिन जब कानूनी दांवपेच शुरू होता कांग्रेस के वकील अपने पक्ष रखते हैं और अंत में सरकार को यह चेतावनी मिलती है कि अगर नियम के हिसाब से चुनाव हो रहे हैं तो आप करवाये, लेकिन अगर नियम के विपरीत है तो यह चुनाव रुकवा दीजिए। और अंत में चुनाव अनिश्चित समय के लिए रोक दिये जाते हैं.
इन सभी में आम जनता के विकास कार्यों का करोड़ों रुपए फिर खर्च होता है, प्रत्याशियों का पैसा खर्च होता है। चुनाव से डरने वाली आमजन विरोधी यह सरकार इस बात से कोई लेना-देना नहीं, वह बस सरकारी कोष के पैसों का दुरुपयोग कर अपने करीबियो को घोटाला कर कमाई करने का मौका दे रही है।
हमारी मांग है कि पंचायत चुनाव में खर्च हुआ संपूर्ण पैसा प्रदेश में बैठी ओबीसी विरोधी शिवराज सरकार से वसूला जाए इसके साथ ही प्रथम चरण चुनाव में जिन सभी प्रत्याशियों ने पर्चा भरा था और उनके जो भी पैसे खर्च हुए थे उन्हें वापस लौटाया जाएं।
पुतला दहन के दौरान सुभाष पाठक, निक्की तिवारी, मो. अख्तर, अभिषेक वर्मा, राहुल पनिका,संजू मिश्रा,हेमंत सिंह,अभि दुबे,आयुष पांडे,अनुभव मिश्रा, सत्यदीप सिंह,शिवम वर्मा, रौनक यादव, प्रकाश वर्मा, गौरव दास,अनूप कचेर,मुकुल सिंधिया, सूरज पटेल,संजय सिंह बरगाही, अनिल मौर्य,सूरज पटेल सहित एनएसयूआई के अनेकों कार्यकर्ता उपस्थित रहें।

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