मिर्जा अफसार बेग
शहडोल । जिले का बहुचर्चित नगर पालिका धनपुरी एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है। यहां पदस्थ रहे प्रभारी मुख्य नपा अधिकारी रविकरण त्रिपाठी सोमवार को उच्च न्यायालय के आदेश के बाद फिर से कुर्सी पर आसीन हो गए । इसके बाद उनके कार्यकाल में हुए हाई मास्क लाइट घोटाले , फर्जी नियुक्तियां,बाजार मूल्य से अधिक दर पर दी जा रही निविदाओं समेत अन्य आरोपो को लेकर समाज सेवी व भाजपा नेता शैलेन्द्र श्रीवास्तव ने एक बार फिर प्रभारी सीएमओ रविकरण त्रिपाठी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने इस गड़बड़ी को लेकर पूर्व में हुई प्रमाणित जांच के बाद अब सीएमओ पर एफआईआर किए जाने को लेकर सोमवार को तहसील परिसर बुढ़ार के समक्ष आमरण अनशन भूख हड़ताल शुरू कर दिया है। थाना प्रभारी बुढ़ार के अलावा तहसीलदार बुढ़ार को दिये गए ज्ञापन में भाजपा नेता शैलेन्द्र श्रीवास्तव ने निम्नलिखित बिंदुओ पर ध्यानाकर्षित करते हुए सीएमओ श्री त्रिपाठी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की हैं ।
क्या क्या है बिंदु
प्रति,
श्रीमान तहसीलदार महोदय,
तहसील - बुढ़ार, जिला - शहडोल (म.प्र.)
विषय - सूचनार्थ प्रेषित (अनिश्चित कालीन भूख हड़ताल)
तत्कालीन एस.डी.एम. IAS अधिकारी श्री शेर सिंह मीणा के जांच प्रतिवेदन एवं संयुक्त संचालक, नगरीय प्रशासन एव विकास श्री मकबूल खान के जांच प्रतिवेदन के आधार पर धनपुरी नगरपालिका के प्रभारी मुख्य नगरपालिका अधिकारी रविंकरण त्रिपाठी पर कठोर कार्यवाही करते हुये तत्काल FIR के आदेश जारी किए जायें।
नवगठित नगर परिषद बकहो में कर्मचारियों के संविलियन प्रक्रिया में हुई अनियमितताओं एव भ्रष्टाचार के मामले में भर्ती घोटाले के मास्टर माइंड नगर परिषद बकहो के भी तत्कालीन प्रभारी मुख्य नगरपालिका अधिकारी रविकरण त्रिपाठी सहित अन्य दोषियों पर कठोर कार्यवाही करते हुये FIR के आदेश जारी किए जायें।
मान्यवर,
विनम्र निवेदन है की धनपुरी नगरपालिका में एक दशक
से भी ज्यादा समय से पदस्थ प्रभारी मुख्य नगरपालिका अधिकारी रविकरण त्रिपाठी डंके की चोट पर विगत एक दशक से भी अधिक समय से पद पर रहते हुये भ्रष्टाचार का खेल खुलेआम खेल रहे हैं । हाइ मास्क LED लाइट घोटाला, 1 लाख से के कम मूल्य की खरीदी घोटाला, मस्टर श्रमिक घोटाला एव बहु चर्चित बकहो भर्ती घोटाला - ये वो चंद घोटाले व भ्रष्टाचार के मामले हैं जो कुछ ईमानदार अधिकारियों की वजह से जनता के सामने आ गए और ना जाने कितने मामलों में तो आज तक जांच ही नहीं हुई
जिसमें नगरपालिका धनपुरी द्वारा बाजार मूल्य से अधिक दरों पर दी जा रही निविदाओं का मामला भी शामिल है।
जब कभी भी किसी ईमानदार अधिकारी ने रविकरण त्रिपाठी के खिलाफ जांच की तो या तो जांच अधिकारी ही बदल दिया गया या उसका ट्रांसफर कर दिया गया । और जब ये संभव नहीं हुआ तो साहब ने न्यायालय को ही गुमराह करके एक नहीं बल्कि कई बार स्थगन प्राप्त कर लिया ।और सरकारी नुमाइंदे । सरकारी वकील चुप चाप देखते रहे | एक बार जिस मामले में साहब ने स्थगन प्राप्त कर लिया, अपनी सेटिंग और पैसों के दम पर दोबारा उस फ़ाइल पर निर्णय ही नहीं होने दिया । सिस्टम में व्याप्त इस भ्रष्टाचार व विसंगति को दूर करने के लिए जरूरी है की
अब ये विषय सीधे प्रदेश के मुखिया माननीय मुख्यमंत्री जी के संज्ञान में लाया जाए | अपनी इन्ही मांगों को लेकर आज से मैं तहसील कार्यालय बुढ़ार के सामने कोरोना मापदंडो का पूर्णत: पालन करते हुये अनिश्चित कालीन भूख
हड़ताल पर रहूँगा , जब तक कि कार्यवाही सुनिश्चित नहीं की जाती है |
प्रमुख मांगें -
1. आई.ए.एस. अधिकारी एस.डी.एम. श्री शेर सिंह मीणा की जांच रिपोर्ट एवं संयुक्त संचालक नगरीय प्रशासन एव विकास श्री मकबूल खान के जांच प्रतिवेदन का संज्ञान लेते हुए नगर पालिका परिषद धनपुरी, जिला - शहडोल (मध्य प्रदेश) के तात्कालीन प्रभारी मुख्य नगरपालिका अधिकारी
रविकरण त्रिपाठी पर कठोर कार्रवाई की जाये एव उन पर प्रमाणित आरोपों के तहत आपराधिक मुकदमा (FIR) दर्ज करने के आदेश जारी किए जाएं ।
2. बकहो भर्ती घोटाले (अनियमितताओं एव भ्रष्टाचार) में लिप्त अधिकारियों । कर्मचारियों पर निलंबन के बाद आगे की कार्यवाही को सुनिश्चित किया जाये एव सभी लिप्त लोगों के विरुद्ध FIR के आदेश दिये जाए ।
3. फर्जी । गलत तरीके से जिन 53 लोगों का सम्मिलन किया गया ,भर्ती घोटाले में अनियमितताओं एवं भ्रष्टाचार के आरोप प्रमाणित होने के बाद उन 53 लोगों की सेवा की स्थिति को स्पष्ट किया जाये | यह भी साफ किया जाये कि क्या पूरी भर्ती प्रक्रिया को निरस्त किया गया ? या नहीं ?
(वर्तमान स्थिति को स्पस्ट करने वावत)
4. सरकार के महाअधिवक्ता (एड. जनरल) को तुरंत निलंबन के विरूध्ध लिए गए स्टे को VACATE (निरस्त) कराने के लिए निर्देशित किया जाये | ताकि कोई भी दोषी व्यक्ति न्यायालय को ढाल बनाकर बच ना सके |
5. बकहो भर्ती घोटाले के मामले में बड़े पैमाने पर पैसों के लेनदेन से भी इंकार नहीं किया जा सकता है इसलिए जिन 39 लोगों का अनियमित रूप से नियमित पदों पर संविलियन किया गया, उनकी एव उनके जो रिस्तेदार
य संबंधी विभिन्न निकायों में कार्यरत हैं उनकी भूमिका की भी जांच की जानी चाहिए एव उन पर भी कड़ी कानूनी कार्यवाही की जानी चाहिए |
6. नगर पंचायत बकहो के तात्कालीन रोजगार सहायक संतोष तिवारी की इस पूरे मामले में भूमिका की जांच की जानी चाहिए एव दोषी पाये जाने पर उनके विरुद्ध भी कड़ी कानूनी कार्यवाही की जानी चाहिए |
प्रार्थी
शैलेन्द्र श्रीवास्तव
बुढार तहसील कार्यालय के सामने,
पोस्ट - बुढार , जिला - शहडोल (मध्य प्रदेश)
Pin - 484110
Mobile - 9826353805



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