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राजघराना होटल में बिकता है मरी छिपकली वाला दूध , दूध लेने से पहले हो जाएं सावधान* दूध के नाम पर बेचा जा रहा जहर,

 




रिपोर्ट @जुनैद खान 

शहडोल ! नगर में सिंथेटिक व कृत्रिम दूध की बिक्री का कारोबार धड़ल्ले से चल रहा है जबकि प्रशासन इस ओर से आंख मूंदे है। गांवों में जहां दूध का उत्पादन घटता जा रहा है, वहीं दूधिया द्वारा उतनी ही मात्रा में ही आपूर्ति की जा रही है। कृत्रिम व सिंथेटिक दूध की आपूर्ति का आलम यह है कि नगर में प्रतिदिन सैकड़ों दूधियों द्वारा दूध की सप्लाई की जा रही है। ऐसे ही दूध की आपूर्ति नगर में धड़ल्ले से की जा रही है। गौरतलब है कि लगातार कम हो रही दुधारु पशुओं की संख्या के कारण गर्मी ही नहीं बल्कि सर्दियों में भी दूध की मांग बढ़ती ही जा रही है। दुर्भाग्यपूर्ण पहलू तो यह है कि बिक्री के धंधे से जुडे़ दूधियों के खिलाफ कोई कार्रवाई न होने के कारण सिंथेटिक एवं कृत्रिम दूध की आपूर्ति बेरोकटोक जारी है।

सिंथेटिक व कृत्रिम दूध के अलावा दूषित व मिलावटी दूध भी नगर में भारी मात्रा में बेचा जा रहा है। खाद्य विभाग के अलावा स्वास्थ्य प्रशासन भी जहां इस ओर आंखे मूदें है। वहीं बताया जाता है नगर के साथ क्षेत्र में कई स्थानों पर कृत्रिम दूध बनाने का धंधा जारी है। इसके बाद भी प्रर्याप्त मात्रा में दूध की चलते भी दूध की भारी आपूर्ति जारी है। बताया जाता है कि दूधियों के द्वारा कृत्रिम व सिंथेटिक दूध की बिक्री धड़ल्ले से की जा रही है। यह भी चर्चा मुखर है कि नगर पालिका परिषद के खाद्य निरीक्षक की ढुलमुल कार्य प्रणाली के चलते नगरवासी जहरीले दूध का सेवन करने को मजबूर हैं।

 *यह होती है मिलावट* 

दूधियों द्वारा दूध को ताजा व गाढ़ा बनाए रखने के लिए फोरमोलिन के अलावा विभिन्न घटकों केमिकल्स का प्रयोग दूध में किया जाता है। इससे दूध में पानी मिलाने पर भी वह ताजा व गाढ़ा दिखाई देता है तथा उपभोक्ता उसे शुद्ध समझकर खरीद लेता है।

ऐसा ही एक मामला शहडोल के परमट के सामने बने राजघराना होटल के संचालक खेमा मंगलानी एवं बबलू मंगलानी द्वारा पूरी तरह से लापरवाही से दूध की बिक्री कर रहे हैं चाहे फिर उस दूध में छिपकली ही क्यों मरी ना हो उस दूध को वह बिक्री कर देते हैं चाहे फिर किसी की जान ही क्यों ना चली जाए इनसे सिर्फ पैसे से लेना देना रहता है शहडोल निवासी फरदीन खान ने बताया कि लगभग 1 वर्ष से मैं दूध यहां से ले जाता हूं जब मैं सोमवार की रात को दूध लेकर गया तो उस दूध में मरी हुई छिपकली मिली जिसे तुरंत ही वह पैक करके राजघराना होटल में दिखाने गए कि आप इस प्रकार से दूध बेचते हैं अगर यह दूध कोई पी लेता तो क्या होता पर उसके बावजूद भी राजघराना के संचालक का अकड़ कर बात करना मैं तो दूध ठीक ही बेचता हूं अगर छिपकली पड़ गई तो उसमें मेरी क्या गलती अगर देखा जाए तो इस पूरे विषय पर कहीं ना कहीं फूड विभाग की लापरवाही देखने को मिल रही है अगर समय समय पर जांच एवं कार्यवाही होती रहे तो ऐसा मामला शायद देखने को ना मिले अगर समय रहते ही इन जैसे संचालकों पर कार्यवाही नहीं हुई तो बहुत बड़ी घटना स्थानीय प्रशासन को देखने को मिल सकती है!

 *इनका कहना है*

मैं अभी बाहर हूँ कल जांच करता हूँ  फिर कार्यवाही करूँगा पर आज कोई उनके द्वारा जांच नही की गई न उन्होंने फोन उठाया इससे ये साबित होता है कि अधकारी भी मिले हुए है जो कोई कार्यवाही नही किये न गए न कोई जांच हुई मामला सबके सामने है किसकी सह से लोगो को जहर वाला दूध पिलाया जा रहा है और इनकी होटल क्यों सील नही हो रही है 

 *आर के सोनी फ़ूड इंस्पेक्टर शहडोल* 

में अभी खाना खा रहा हूँ  आपसे कल या फिर शाम को बात करूंगा अभी फुरसत नही है मीटिंग है औए 2 जगह कुछ प्रोग्राम है ।

 *आर एस पांडेय, सी एम एच ओ, शहड़ोल

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