रिपोर्ट @मिर्जा अफसार बेग
अनूपपुर । लगभग तीन से चार वर्षो से अनूपपुर जंक्शन स्टेशन के प्लेटफार्म 1 से 3 की ओर जाने वाले पैदल पुल को तोड़ दिया गया और वैकल्पिक पुल जोकि कटनी दिशा में बना है काफी लंबा एवं प्लेटफार्म से काफी दूरी पर निर्मित किया गया है।जिससे प्लेटफार्म नंबर तीन पर जाकर ट्रेन पकड़ने एवं एसी कोच में जाने के लिए यात्रियों को काफी लंबा घूम कर जाना पड़ता है।
हालांकि यहां फुट ओवर ब्रिज बना हुआ है।लेकिन इसकी दूरी और घुमावदार होने से यात्री इसका उपयोग नहीं के बराबर करते है।
बुजुर्ग यात्रियों,महिलाओं,दिव्यांगजन सभी को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।लेकिन रेलवे द्वारा पैदल पुल को तोड़ दिया गया और जो निर्मित हो रहा है उसका कार्य भी धीमी गति से चल रहा है।
लगभग 4 वर्षों से यात्री परेशान हो रहे हैं।देखा जाता है कि जल्दबाजी के चक्कर में यात्री रेल पटरी क्रॉस कर प्लेटफॉर्म 1 से प्लेटफार्म 3 पर जा रहे हैं।कई बार चले जाते हैं और कई बार रेलवे सुरक्षा बल के निशाने पर आ जाते हैं,जिससे उन्हें जुर्माना देना पड़ता है।यही नहीं रेलवे के हमाल प्रतिदिन भारी भरकम सामानों को रेलवे लाइन क्रॉस कर ले जाते हैं।कभी भी कोई अनहोनी घटना घटित हो सकती है।लेकिन इसकी चिंता किसी को नहीं है।
पश्चिम मध्य रेलवे के मदन महल स्टेशन पर हाल ही में दो व्यक्तियों की मौत के बाद वहां का रेल प्रशासन जागा एवं रेल की पटरियों के पास प्लेटफार्म जितनी लंबी ग्रिल लगाकर रास्ता क्रॉस करने का बंद कर दिया।
निश्चित ही यात्रियों की सुरक्षा एवं संरक्षा के लिए बहुत ही अच्छा कदम है।जिससे यात्री रेल की पटरियां क्रॉस नहीं कर पाएंगे।
आवश्यकता है पश्चिम मध्य रेलवे की सीख बिलासपुर जोन दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे भी ले एवं प्लेटफॉर्म की लंबाई तक ऊंची ग्रिल लगा दे।जिससे कोई भी यात्री रेल पटरियां क्रॉस कर एक प्लेटफार्म से दूसरे प्लेटफार्म पर नहीं जा पाएगा।यात्री की सुरक्षा एवं संरक्षा के लिए रेलवे प्रशासन को यह निर्णय लेना चाहिए एवं सभी जगह पर रेल पटरियां क्रॉस करने पर रोक लगाने के लिए प्लेटफॉर्म जितनी लंबी ग्रिल रेल पटरियों के बगल से लगा देना चाहिए।जिससे किसी तरह की अनहोनी घटना घटित नहीं हो पाएगी।


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