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शासकीय प्राथमिक विद्यालय साबो बस्ती में शिक्षा विभाग की खुली पोल

 


रिपोर्ट @मिर्जा अफसार बेग

कुर्सी पर बैठकर मोबाइल चलाते दिखे शिक्षक विनोद गुप्ता, बच्चे करते रहे सफाई 

बीईओ डी.के. निगम बोले “यह अपराध है, होगी कठोर कार्रवाई”*

*शहडोल जिले के बुढार विकासखंड के अंतर्गत शासकीय प्राथमिक विद्यालय साबो बस्ती में सामने आए मामले ने शिक्षा व्यवस्था की गंभीर लापरवाही उजागर कर दी है। आरोप है कि विद्यालय में पदस्थ शिक्षक श्री विनोद गुप्ता कुर्सी पर बैठकर आराम से मोबाइल चलाते नजर आए, जबकि छोटे–छोटे बच्चों से विद्यालय परिसर की सफाई कराई जाती रही।*

*यह दृश्य न सिर्फ संवेदनहीनता दिखाता है, बल्कि कानून का खुला उल्लंघन भी है।*

*अधिकारी का सख्त बयान*

*मामले पर जब विकासखंड शिक्षा अधिकारी बुढार श्री डी.के. निगम से बात की गई तो उन्होंने दो टूक कहा—*

*“बच्चों से काम लेना अपराध है। इस मामले में दोषियों पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।”*

*कानून की नजर में सीधा अपराध बाल श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन) अधिनियम, 1986 — धारा 3 एवं 14 वर्ष से कम उम्र के बच्चों से किसी भी प्रकार का काम कराना दंडनीय।*

*किशोर न्याय अधिनियम, 2015 — धारा 75*

*बच्चों से जबरन काम कराना या शोषण — 3 से 5 साल तक की सजा का प्रावधान।*

*शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 — धारा 17 बच्चों के साथ मानसिक या शारीरिक उत्पीड़न पूरी तरह प्रतिबंधित।*

*अभिभावकों में आक्रोश*

*घटना के बाद क्षेत्र के अभिभावकों में भारी नाराजगी है। उनका कहना है—*

*“हम बच्चों को पढ़ने भेजते हैं, झाड़ू लगाने नहीं। अगर स्कूल में ही उनसे काम कराया जाएगा तो उनका भविष्य कैसे सुरक्षित रहेगा?”*

*अब नजर कार्रवाई पर*

*बीईओ के सख्त बयान के बाद अब सवाल यही है—*

*क्या दोषियों पर सच में कठोर कार्रवाई होगी,या यह मामला भी बाकी शिकायतों की तरह फाइलों में दबा दिया जाएगा?*

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