रिपोर्ट @शम्भूनाथ सोनी
जिम्मेदार अधिकारी कुंभकर्णी निद्रा में
उमरिया --- उमरिया जिले में गिरते हुए जल स्तर को सामान्य बनाये रखने के लिए ग्रीष्मकाल में गैर सरकारी सोच में पूर्णतः प्रतिबंध कलेक्टर महोदय के व्दारा लगाने के निर्देश जारी किये गए हैं, लेकिन इस प्रतिबंध के बाद भी अवैध बोरिंग की बाढ सी आ गयी है। बताया जाता है कि जगह जगह अवैध बोरिंग की जा रही है। बीते दिवस पाली नगर पालिका के वार्ड क्र 05 में रात में अवैध बोरिंग का काम किया जा रहा था, तब पाली तहसील के जिम्मेदार अधिकारियों को दूरभाष में सूचना देने की कोशिश की गयी, जिसपर अधिकांश लोगों ने फोन रिसीव करना उचित नहीं समझा, और जिन लोगों ने फोन रिसीव किया उन्होंने भी मौके पर पहुँच कर कार्यवाही करना उचित नहीं समझा । इस तरह से देखा जाये तो प्रतिबंधित काल के कारण बोर बेल वाले किसानों का शोषण करने में आमदा है। अपेक्षा है जिला प्रशासन इस क्षेत्र में चल रहे बोर के कार्यों की सतत निगरानी करते हुए उन्हें शोषण से बचाने के लिए एक मुहिम चलायेगी।
ध्यान देने योग्य है कि ग्रीष्म काल समापन की ओर है और जिले भर में अवैध बोर की गाडिया लगातार दौड रही है, बीती रात लगभग एक बजे नौरोजाबाद के समीप महुरा गाँव में बोर किया जा रहा था जिसकी शिकायत दूरभाष में कलेक्टर उमरिया को दी गई है जिस पर उन्होंने कार्यवाही का आश्वासन दिया गया, लेकिन मौके पर कोई अधिकारी नहीं पहुचने से रात में लगातार बोर किया जाता रहा। आखिर कार जब प्रशासनिक अधिकारियों के आदेश का इस तरह माखौल उडाया जाना है तो किसानों के हित में इस अवधि को प्रतिबंधित काल से हटा दिया जाये तो कम से कम किसानों का शोषण तो रूक जायेगा।


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