रिपोर्ट @मिर्जा अफसार बेग
कोतमा, अनूपपुर। कोतमा नगर में अवैध सट्टा कारोबार एक बार फिर चर्चा के केंद्र में है। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि रेस्ट हाउस रोड और लहसुई कैंप (गोविंदा क्षेत्र) में लंबे समय से सट्टे का खेल खुलेआम संचालित हो रहा है। कई बार शिकायतें किए जाने के बावजूद यदि प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है, तो इससे क्षेत्र में कानून-व्यवस्था और पुलिस की कार्रवाई को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
जानकारी के अनुसार, रेस्ट हाउस रोड और लहसुई कैंप क्षेत्र कथित तौर पर अवैध सट्टा संचालन के प्रमुख ठिकाने बन चुके हैं। आरोप है कि यहां पारंपरिक पर्ची सिस्टम के साथ-साथ डिजिटल माध्यमों से भी दांव लगाए जा रहे हैं। यदि इन आरोपों की पुष्टि होती है, तो यह न केवल जुआ संबंधी कानूनों का उल्लंघन होगा, बल्कि सामाजिक व्यवस्था और युवाओं के भविष्य के लिए भी गंभीर चुनौती साबित हो सकता है।
युवाओं को बना रहा आसान कमाई का लालच
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस अवैध कारोबार का सबसे अधिक दुष्प्रभाव युवा वर्ग पर पड़ रहा है। आसान और त्वरित कमाई के लालच में कई युवक कथित रूप से इस धंधे की ओर आकर्षित हो रहे हैं। सामाजिक कार्यकर्ताओं का मानना है कि यदि समय रहते इस पर प्रभावी अंकुश नहीं लगाया गया, तो इसका दायरा और बढ़ सकता है, जिससे कई परिवार आर्थिक और सामाजिक संकट का सामना कर सकते हैं।
कार्रवाई नहीं होने से उठ रहे सवाल
क्षेत्रवासियों का आरोप है कि कथित अवैध गतिविधियां लंबे समय से जारी हैं, लेकिन अब तक कोई बड़ी और निर्णायक कार्रवाई सामने नहीं आई है। इससे आम लोगों के बीच यह धारणा बन रही है कि अवैध कारोबार में संलिप्त लोगों के हौसले बढ़ते जा रहे हैं और कानून का भय कम होता दिखाई दे रहा है।
निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई की मांग
स्थानीय नागरिकों एवं सामाजिक संगठनों ने जिला पुलिस अधीक्षक और कोतमा थाना प्रभारी से मांग की है कि रेस्ट हाउस रोड एवं लहसुई कैंप क्षेत्र में अवैध सट्टा संचालन के आरोपों की निष्पक्ष एवं गहन जांच कराई जाए। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं, तो संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध जुआ अधिनियम एवं अन्य लागू कानूनी प्रावधानों के तहत कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
लोगों का कहना है कि अवैध सट्टे के नेटवर्क पर समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई, तो यह कारोबार और अधिक फैल सकता है, जिससे अपराध की गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की आशंका भी बढ़ जाएगी। अब क्षेत्रवासियों की निगाहें प्रशासन और पुलिस की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।


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