Ticker

6/recent/ticker-posts

शासकीय कन्या विद्यालय पाली के प्राचार्य एवं उप प्राचार्य की कथित राजनीतिक गतिविधियों की निष्पक्ष जांच की मांग

 


रिपोर्ट @शम्भूनाथ सोनी

बिरसिंहपुर पाली, 13 जुलाई। भारतीय राष्ट्रीय छात्र संघ (एनएसयूआई) ने शासकीय कन्या विद्यालय पाली के प्राचार्य रामशरण द्विवेदी एवं उप प्राचार्य ममिता विलखरे सहित कुछ शिक्षकों की कथित राजनीतिक गतिविधियों में संलिप्तता को लेकर गंभीर आपत्ति दर्ज कराते हुए अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) बिरसिंहपुर पाली को ज्ञापन सौंपकर निष्पक्ष जांच एवं आवश्यक कार्रवाई की मांग की है।

एनएसयूआई के प्रदेश सचिव हर्ष अवधिया ने बताया कि सोशल मीडिया पर प्रसारित फोटो एवं अन्य जानकारियों में शासकीय कन्या विद्यालय पाली के प्राचार्य रामशरण द्विवेदी एवं उप प्राचार्य ममता विलखरे कथित रूप से अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के स्थापना दिवस कार्यक्रम में सक्रिय रूप से उपस्थित दिखाई दे रहे हैं। यदि जांच में यह तथ्य सही पाए जाते हैं कि उन्होंने शासकीय पद पर रहते हुए किसी राजनीतिक या राजनीतिक रूप से संबद्ध छात्र संगठन की गतिविधियों में भाग लिया, तो यह शासकीय सेवा आचरण नियमों का गंभीर उल्लंघन होगा।

एनएसयूआई ने आरोप लगाया कि शिक्षा जैसे संवेदनशील क्षेत्र में कार्यरत अधिकारियों एवं शिक्षकों से पूर्ण निष्पक्षता की अपेक्षा की जाती है। यदि विद्यालय के प्राचार्य एवं उप प्राचार्य स्वयं किसी राजनीतिक कार्यक्रम में सक्रिय भूमिका निभाते पाए जाते हैं, तो इससे शिक्षा व्यवस्था की निष्पक्षता, विद्यार्थियों का विश्वास तथा शासकीय सेवा की गरिमा पर गंभीर प्रश्न खड़े होते हैं।

ज्ञापन में मांग की गई है कि पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराई जाए, कार्यक्रम में प्राचार्य रामशरण द्विवेदी, उप प्राचार्य ममता विलखरे एवं अन्य संबंधित शिक्षकों की भूमिका की जांच की जाए तथा यदि सेवा आचरण नियमों का उल्लंघन सिद्ध होता है तो उनके विरुद्ध नियमानुसार कठोर विभागीय कार्रवाई की जाए। साथ ही भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए जाएं।

प्रदेश सचिव हर्ष अवधिया ने कहा कि "सरकारी विद्यालय किसी भी राजनीतिक विचारधारा के प्रचार-प्रसार का मंच नहीं हैं। यदि कोई शासकीय अधिकारी या शिक्षक अपने पद की गरिमा को छोड़कर राजनीतिक गतिविधियों में संलिप्त पाया जाता है, तो उसके विरुद्ध निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई होना आवश्यक है। कानून सबके लिए समान होना चाहिए और दोषी पाए जाने पर किसी को भी संरक्षण नहीं मिलना चाहिए।"

ज्ञापन सौंपने के दौरान मुख्य रूप से हर्ष अवधिया, दुर्गेश नामदेव, जावेद खान, रवि प्रजापति, फैजान नियाजी एवं लकी वर्मा सहित एनएसयूआई के कार्यकर्ता उपस्थित रहे।


Post a Comment

0 Comments