रिपोर्ट @मिर्जा अफसार बेग
विद्यालय-आंगनबाड़ी के सामने महीनों से जलभराव, शिकायतों के बाद भी नहीं हुआ स्थायी समाधान
जहरीले जीव-जंतुओं और हादसे का खतरा, अभिभावकों में बढ़ी चिंता
अनूपपुर। जनपद पंचायत जैतहरी अंतर्गत ग्राम पंचायत सकरा के भरियाटोला में शासकीय प्राथमिक विद्यालय और आंगनबाड़ी केंद्र के सामने महीनों से जमा पानी अब बच्चों के लिए गंभीर खतरा बनता जा रहा है। बारिश के बाद स्थिति और विकट हो गई है। विद्यालय एवं आंगनबाड़ी तक पहुंचने वाले रास्ते पर घुटनों तक पानी भरा होने के बावजूद नौनिहाल इसी जलभराव को पार कर रोज पढ़ने और आंगनबाड़ी केंद्र पहुंचने को मजबूर हैं।
रास्ता बना जलभराव का दलदल
ग्रामीणों के अनुसार विद्यालय और आंगनबाड़ी केंद्र के सामने पानी निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण बारिश का पानी लंबे समय तक जमा रहता है। मौके पर न तो प्रभावी नाली दिखाई देती है और न ही जल निकासी के लिए कोई स्थायी इंतजाम किया गया है।
जलभराव के कारण बच्चों को गंदे पानी से होकर गुजरना पड़ता है। इससे उनके कपड़े खराब होने के साथ ही फिसलकर गिरने और चोटिल होने का खतरा बना रहता है। छोटे बच्चों के लिए यह स्थिति किसी भी समय गंभीर हादसे का कारण बन सकती है।
जहरीले जीव-जंतुओं का भी मंडरा रहा खतरा
लंबे समय से जमा पानी और आसपास फैली गंदगी के कारण ग्रामीणों की चिंता और बढ़ गई है। ग्रामीणों का कहना है कि ऐसे स्थानों पर सांप सहित अन्य जहरीले जीव-जंतुओं के आने की आशंका बनी रहती है। रोजाना इसी पानी को पार कर स्कूल पहुंचने वाले छोटे बच्चों के साथ यदि कोई अप्रिय घटना होती है तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा, यह बड़ा सवाल है।
इसके अलावा लंबे समय तक गंदे पानी के संपर्क में रहने से बच्चों में त्वचा संबंधी संक्रमण और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा भी बना हुआ है। जिस विद्यालय और आंगनबाड़ी केंद्र में बच्चों को सुरक्षित एवं स्वच्छ वातावरण मिलना चाहिए, वहां की यह स्थिति जिम्मेदार विभागों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रही है।
हर बारिश में वही समस्या, फिर भी स्थायी इंतजाम नहीं
ग्रामीणों का कहना है कि जलभराव की समस्या नई नहीं है। प्रत्येक बारिश में विद्यालय और आंगनबाड़ी केंद्र के सामने पानी जमा होता है। कई बार संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों और विभागीय कर्मचारियों को समस्या से अवगत कराया जा चुका है, लेकिन इसके बावजूद अब तक जल निकासी का स्थायी समाधान नहीं किया गया।
ग्रामीणों का आरोप है कि यदि समय रहते नाली निर्माण या अन्य प्रभावी जल निकासी व्यवस्था कर दी जाती तो बच्चों को इस परेशानी से नहीं जूझना पड़ता। वर्तमान स्थिति में अभिभावक अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं।
हादसे के बाद जागेगा प्रशासन या पहले होगी कार्रवाई?
विद्यालय और आंगनबाड़ी केंद्र छोटे बच्चों के लिए सुरक्षित और स्वच्छ वातावरण उपलब्ध कराने वाले स्थान हैं। ऐसे में यदि बच्चों को रोजाना घुटनों तक पानी पार करके वहां पहुंचना पड़े, तो यह केवल अव्यवस्था नहीं बल्कि बाल सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मामला है।
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन एवं संबंधित विभाग से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। उनकी मांग है कि विद्यालय और आंगनबाड़ी केंद्र के सामने जमा पानी तत्काल हटाया जाए तथा भविष्य में बारिश के दौरान जलभराव की समस्या दोबारा उत्पन्न न हो, इसके लिए स्थायी जल निकासी की व्यवस्था की जाए।
अब देखना यह है कि जिम्मेदार विभाग इस समस्या का संज्ञान लेकर किसी हादसे का इंतजार करने के बजाय समय रहते कार्रवाई करते हैं या नहीं। बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए जल निकासी की स्थायी व्यवस्था अब ग्रामीणों की प्राथमिक मांग बन गई है।




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